रौंग नम्बर......

रौंग नम्बर......

केहेन घनघोर घटा, छा गेलै गे बहिना... 
पुरबा वयार बहै, सनन -सनन तहिना ...
बिजूरी बरा तरतराबय.... 
अंग अंग मोर सिहराबय.. 
सनन.. सनन... सनन... सनन...

हालहि में, 
संतोषी के लिखल ई गीत बाहर एलैए...

पंडीत जी भैया के मोबाइल पर केकरहु फोन आएल. ....
की जोर जोर सँ ई गीत बाजय लगै छै...

नाम गुणे पंडित जी भैया सब गुण आगर... 
दुधहा वैष्णव.. 
बड बेसी सुविचारक लोक..
.. 
एखनहिं हिनका मोबाइल पर ई गीत बजलैन्ह..

मतलब.. केकरहु फोन एलै...

फोन उठा क स्पीकर आन क देलखिन...

बिनु स्पीकर अॉन केने पंडित जी भैया ककरहु स बात नै करै छथिन..

कहैत त छथिन जे हम कोनो नुकाएल बात करै छी ककरहु से जे हमरा तकर डर रहत... 
मुदा भौजी चुटकी लैत कहैत छथिन... कम सुनै छथिन से नै न कहता.. हहहह..

हँ त... 
फोन अबिते पंडित जी भैया स्पीकर अॉन करैत... 
हल्ललो..... 
उम्हर सँ एकटा महिला के आवाज... 
हौ ठकहरबे..... ईयेह होईछै...

की... क्क.. के बजै छी अहाँ..

पंडित जी भैया सन लोक सेहो अलमला गेलाह..

उम्हर सँ फेरो आवाज एलै...

हँ हँ.. ऐहिना चिन्ह के अनठाबह न... केहेन छी अहाँ यौ... कि कहने रहियै ...राईत में पक्का आएब... ठैक लेलियै न हमरा... हैँ...

अरे के बजै छी अहाँ.... 
(धिया पुता स भरल अँगना पंडित जी भैया त बुझू ....)

उम्हर सँ फेरो आवाज एलै...

हेsss फेर हमही छियै. ......बुईझ लियौ... माछ बना क राखने राखने... ऐघारह बजे सुतलौंह हम अहाँ दुआरे... 
पहिने न कैह दितौंह हम नै आएब... 
ठकहर नैहिं तन....

आब त भौजी के सेहो कान ठार भ गेलैन....

अरे पागल... के बजै छी ककरा फोन केलियै अहाँ...

(पंडित जी भैया आर्तनाद करैत बजलाह)

उँ... बेसी नै न छाँटू... की कहने रहियै.. धिया पूता सब के सबेरे खुआ पीआ क सुता देबै.. आ हम नौ दस बजे राईत में आएब... 
अप्पन घरबाली रैहितय न तखन बुझितियै की कैरितय.....

स्पीकर नै बंद करबै अहाँ... भौजी लग अबैत कहलखिन पंडित जी भैया क...

उम्हर सँ फेरो आवाज एलै... 
ऐँ यौ ...ऐहेन दगध केना भए गेलियै. अहाँ ..
सबटा बिसैरि गेलियै नै......

बर्दाश्त के सीमा पार क गेलै पंडित जी भैया के.... 
चीकैर उठलाह ओ......

हई के बजै छह तू.... नँगटी... हमरहु नाँगट करै छह... दुधहा वैष्णव के माछ ठूसाबै छह... 
हम पंडीत जी बजै छी... बाजह तू के आ कतय स बजै छह...हईया हम आबै छी... तोहर माछो खेबह आई

... आ तोहर......

फोन काईट देलकै उम्हर सँ....

शायद,,

रौंग नंबर छलै .....

एम्हर.... 
भौजी के नजैरि में पता नै किया.... संदेहक कीड़ा सहजहि देखा पैरि रहलै..... संतोषी.