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बरसाईत पाबैनि के शुभकामना

पत्नि... :-यौ, सुनै छियै-कहलौं जे अहाँ सबचीज त बिसैरि जाईत छियैह मुदा अपन विवाहक सालगिरह नै 
बिसरै छियैह से हमरा बड्ड नीक लगैये...

पति.... :-हँ.. ओ-भयावह दुर्घटनाक दिन अक्सर मोन रहैत 
छैह लोक के ....

1998 के बाद पुन:
आय 2017में 
25 मई के ....
मैथिल महिला सबहक बरका पाबैन बरसाईत परल अई... 
संजोग की... 
25मई...के दिन वैवाहिक बंधन में बन्हा क हम एक सँ दू भेल रही.. 
हलाँकि, 
बाद में बुझना में आएल जे एक सँ दू नहिं... एक सँ अधहा भेल रही... !!
ताहू अधहा पर, 
अर्धांगिनी - के अधिकार....!!

मोन परैछ.. 
जे कोना घर परिवारक लोक सँ ल के गौंवा समाज आ सर संबंधित सब कुदैत फनैत हमरा ल गेल-! अपने सब ठूईस ठँईस के भोजन केलक.. आ हमरा.... हमरा फँसरी चढ़ा क सबगोटे ढ़ेकरैत आपस चैलि आय़ल.... !!(बरिआती)

समस्त मैथिल - मैथिलानी के... 
**बरसाईत पाबैनि के शुभकामना**