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बाबा किछुओ त दियौ.... एना छुछ्छे हाथ कोना जेबै ....मईयाँ की कहथिन...

बाबा किछुओ दियौ.... एना छुछ्छे हाथ कोना जेबै ....मईयाँ की कहथिन...

से की करबिही...तेहेन संजोगे तू गाम के लेल विदाह भेलें जे चाहियो के किछु नै सकबौ.

से कोना हेतै बाबा... किछुओ देमहै परत...

अरे हम आईये गाम कलकता एलौंह तू आईये कलकता गाम जा रहलें... आबिते आबैत की देबौ गाम जाई लेल.. 
बस जो कहिहैन कुसल मंगल बाबा पहुँचि गेलाह...

से नै हम मानब... गाड़ी राईत में धरबै हम,ताबत समान सब ओरियान करियौ.... हम आबै छी हईया कनेकबा काल में...

एसगरे बाबा गुईन धुईन करय लगलाह....
सहर सँ गाम जेबा काल कहाँ एना कियो कहै छै ककरहु.... आब मुँहों कहल समाद जेबाक लेल तैयार नै होईछै कियो... तहन जोखना के सिनेह, श्रद्धा अपन अपनत्वक भावना छै हमरा प्रति... तैं ऐहि तरहें कैहि रहल.... 
छुछ हाथ छुछ जेबी... की देबै एकरा गाम जाई लेल... 
मुदा एकर सिनेह खातिर किछु नै किछु देबहै परत.. 
अन्यथा कहिं एकर हृदय चोटिल नै जाई...

एकाएक किछु निर्नय लैत मुस्किया देलखिन बाबा...

नथ्थी कएल झोड़ा उठाबैत --विहुँसैत बाजल जोखना...बाबा कहै छलियै समाने नै देबौ.. झोरा भैरगर गेल...हहह..

आब तू जिद्द रोपने छलही... थोरबे थोरबे बेसी गेलौ...

से नीके भेलै बाबा... तीने महिना हम कलकता खटै छियै, बाकि नौ महिना अहींके खेत पथार, हर बरद गुजर बसर होईछै हमरो बाल बच्चा के.. कहियो अहाँ की.मईयाँ हमरा जोन हरबाह बुझलियै...

अछ:गाड़ी के बेर भेल जाईछौ... जो आब..नीक जाईहें...पैसा कौड़ी ठेकैन के राखिहें... जो.. जय गणेश..जय गणेश...

बाबा के पैर छुबि विदाह भेल जोखना....
रस्ता भैर अपना बेसी ध्यान बाबा के समान पर रहै....

गाम पहुँचिते समानक झोड़ा नेने बाबाक अंगना दौरल गेल... 
गोर लगै छी मईयाँ...

के जोखन.. कहिया एलियै गाम... नीके छी न्...

हँ मईयाँ... बस एखने एलियै... कहलियै पहिने मईयाँ के गोर लगने आबै छीयै तब किछो हेतै...

बैसू ...

नै मईयाँ अखन बैसबै नै.. हईया समान ... एह बाबा दैते नै छलखिन.. जबरदस्ती हम बुझू कहलियैन देबाक लेल... हईया चिट्ठी सेहो बाबा देने छैथ... ईहो लिय....हम फेर आएबै छी मईयाँ.

जोखना चैलि गेल...

एम्हर...
झोरा खोलिते....गै माई....
एना कोना भेलै... 
घरक समुच्चा लोक जम्मा भेल... सब अवाक... 
चिट्ठी कहाँ अई...हँ हँ चिट्ठी परहू....

श्रीं...
छोट सब के हमर सिनेह.. आशिर्वाद.. 
हम कुशल पूर्वक कलकता पहुँचि गेलौंह... 
सब बात जैनिते छियै सबगोटे.... 
तहन जोखना बड जिद्द केलक जे बाबा किछुओ दियौ गाम लेल..... ओकरा निराश करब उचित नै बुझि परल से.....

चारि टा ईंटा पठा रहल छी... कोठी के गोरा तअर में देबै...... ईति