माघे संक्रांति, तीला संक्रांति, मकर संक्रांति

माघे संक्रांति, तीला संक्रांति, मकर संक्रांति आदि नाम जानल जाईत माघ महिना के पहिल दिनुक पावनिक सुभकामना कहैत हर्षित भेल छी !
आय सब गोटे विभिन्न नदी(धार),सागर, पोखैर, वा त्रिवेणी में स्नान पूजा पाठ करैत छैथि... 
बूढ. पूरान लोक सब तील चाऊर बैंटि ओकर मुआबजाक रूप में अवसर पर बहबाक (सहयोगी) लेल कहै छैथि! 
आय सँ सूर्य धनू राशि सँ निकैल मकर राशि में प्रवेश करैत, उत्तरायण होईछ! 
सूर्य दक्षिणी गोलार्ध सँ उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश करैत नमहर दिन छोट राईतुक श्री गणेश करैछ! 
आजुक दिन घी, तीलक लड्डू, सागपात, ओल, पैनि भरबाक वर्तन वस्त्र दान केला विशेष फल प्राप्त होईछ! 
तेहने भोजन केला सँ शरीर पोषित रोग वेद नै लगबाक बात भविष्य पुराण विष्णु पुराण में उल्लेखित अई! 
खीचरी, साग पात, चूरा मुरही तीलक लड्डू सँ गमकैत मिथिला आय मधुरगर लागि रहल.... 
आयुर्वेद आधुनिक चिकित्सा शास्त्र में सेहो अझुका दिनुक परम्परा गत खाद्य पदार्थ सँ प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, कैल्शियम आदि पौष्टिक तत्व प्राप्त होईछ, 
संगहि रोग सँ लरबाक छमता सेहो प्रदान करैछ! 
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परम्परागत निर्वाहन करैत, 
तीला संक्रांति के भरपूर फायदा उठाऊ ..
शुभ कामना......संतोषी.