पंचायती चुनाव
(पंचायती चुनाव) ----------- कनियाँ हाथ स चाहक कप पकरनै रही कि ....हुलहुलाएल एकटा महिला बिच्चहि आँगन में आबि ठार भ दूनू हाथ जोड़ि के खूब जोर स हमरा पर फेकलैनि ..... ओ अपन परनाम...। अकबका गेलहुँ हम ....। => पाछु स कनियाँ कहलनि .... ई ठार छथिन । => अरे, ठार छथिन त बैसय लेल कहियौन नेs... => कनियाँ हँसैत बजलीह - इलेक्सन में ठार छथिन .... => ओ .......... कोन पद सँ ठार छियै अहाँ.... => ओ.... किदैन त कहै छै ..... उ...... देखथुन त ... बिसैरियो जाई छियै ... अथी ... => अछ्ः ... चुनाव चिन्ह् कि छी अहाँ के ....... => ओ ..... अथी .... कि कहै छै ओकरा ..... हईया..... पतंग छाप..... तावत एकता बच्चा पाछु स बाजि उठल .... भक् .... अहाँके तS खटिया छाप छी । => देखथुन .... हैईया .... ई बच्चा ठीके कहलकैन.... हमर खटिया छाप छै । ओ बच्चा सब पतंग - पतंग करैत छलै न से सएह मुँह म आबि गेलै । कनि ध्यान रैखथिन - - हमरो खटिया पर । => अछह् ... जाऊ अहाँके हाजिरी भ गेल । मुखिया चुनावक संगहि ढेर रास औरो पद सबहक चुनाव होईत छै । के कोन पद स आ कोन चुनाव चिन्ह् स लैरि रहल अई, से स्व्यं कतेको प्रत्यासी के हारला या जितला के बादो नै पता चैल पबैत छै । कारण ....... मुखिया प्रत्यासी सब अपना- अपना हिसाबे लोक सब के विभिन्न पद में ठार क दैत छै, जाहि स जितलाक बाद सब किछु अपना पकर में रहय । किछु कठिपिंगल लोक सब विभिन्न तरहक पेंच लगेबाक खातिर जबरदस्ती अपन किछु गोटे के किछु पद पर चुनाव् लरबाक लेल सेहो ठार क दैत अई । सब स बेसी समस्या में परैत अई वोटर ...... कारण एक्कहिटा पंचायत , एक्कहिटा गाम आ एक्कहिटा वार्ड स कतेको गोटे चुनाव लैरि रहल अई ..... आखिर वोट देवै ककरा । कक्का के कि भैया के , काकी के कि भौजी के , बेटा के कि भातिज के । चौक - चौराहा सS ल के कोनटा - फरका तक , कनफुसकी आ बुईधबिचरी बूझू गन्हेंने रहैछ बातावरण के । आ ताहि गन्हाएल पर गधकिच्चन करबाक लेल बरका - बरका कनफरूआ साउण्ड संग घरै - घर घुमैत विभिन्न प्रत्यासी के प्रचारक सब पान आ गुटखा के पीक सँ गामक बाट सडक के सहजहिं रंगाई - पुताई क दैछ । प्रसिद्ध गायक - गवैया संगहिं नवतुरिया गीतहार सब के सेहो प्रचारक कैसेट में गाबि- बाजि के किछु आय अर्जन करबाक मौका भेटिये जाईछ । मैथिल सभ्यता - संस्कृति स् जुरल गीत - नाद जेना सोहर , समदाउन , डहकन , बटगबनी , जट जटीन , अल्हा...आदि सबहक धुन स तैयार कएल प्रचारक कैसेट बजला सँ माहौल कनेक रमणगर आ सोहावन सेहों भ जाईछ । ओ बात अलग छै जे ठहाठही दुपहरिया में पराती के धुन सहजहिं सुनवा में आबि जाईछ लोक सब के......... मंदिर आ मस्जिद सेहो बाँचल नै रहैछ..... खासम खास त ऐहि ठाम सँ सब खेल बेल खेलाएल जाईत अई.... चुकि आस्था बड पैघ चीज छै... कदाचित् तैं भगवान में अपन आस्था रखनिहार सब भगवानक घर के राजनितिक अखाड़ा बना लैछ ...खास पंचायती चुनाव में मंदिर मस्जिद पर सँ बड्ड बेसी लाभ भेटैछ प्रत्यासी सब के..... चुनावक दिन त बुझू कोनो मेला स कम नैS.......... रंगबिरहा गप सब ईसारे - ईसारा में भ जाईत अई । कतहु - कतहु त हास्य - व्यंग , तामस - तेख , लाठी - ठेंगा स ल के गोली - बारूद के नौबत तक आबि जाईत छैक । आ ओहु दिन तक ककरा बैसाबी आ ककरा उठाबि तकरा लेल खास प्रक्रिया सब अपनायल जाइत छै । एम्हर महिला सबहक त बुझू भैरि दिन जीह टंगलै रहैत छै , जे कखन साँझ परत आ पुरूख पात घर आओत । थाकल झमारल राईत में निन्न धैरि बढ़िया होईत छै सब के । भोरे होईत धियापुता स बुढ- सुढ़ धैरि सब गोटे अपन - अपन आंकलन स हार जीतक फैसला करय लगैछ । => हौ भरत भाई , देखियहक हम जे कहने रहियह सेएह हेतह । (आब पाँच गोटे ओहि ताक में लागि परैछ जे आखिर ई कहने कि रहथिन भरत भाई क) => अरे , ओकरा त जमानतो नै हैतै । हँ , चुन्नु बाबू मुखिया भ गेल बुझु पंचायतक । => धुर बुरि , 14 नम्बर वार्ड में कएक टा वोंट छेै ओकरा सेहो बुझैत छिही कि अनठेकानीये दहैं के दहैं मारै छिही । => हे यौ श्याम कक्का ..... हमरा सब के सबटा वोट गानल अई । कोन वार्ड स ककरा कतेक वोट भेलै से एक - एक टा गना देब हम सब । => हँ... हँ... बुझहै छियौ राै बच्चा ........ छोैरा सबहक कुदने वोट नै होई छै। से होईतै त भोलबा के बाप तोहरे सबहक तरफदारी में वोट दितौ कि नै ..... => से नै कहियौ भाई सेहाब ...... अहि बेर छाैरा सबहक पुरा जोर छलहि । आ हे एकरा सब हक एकजुटता त बुझु देखिते बनै छल । => धूर जी ..... ई सब कि जाने गेलै राजनिति , एकटा बात जानै छियै न ,जे एकरा सबहक मुखिया जितियो जेतै तS सबटा वार्ड सदस्य ककरा मुठ्ठी म छै । => धू: ....... तै सब स कि हेतै ...... => कि हेतै ...... एकोटा काजे नै होमय दतै ..... => अरे , समाजक , गामक , पंचायतक विकास में कियो किया रुकावट बनतै......... => से दखैत रहियौ ने , ओना हमरा त सबटा वोट गानले अई , के मुखिया बनतै से त हम जैनते छियै । एहि तरहें सब गोटे अपन - अपन आकलन स गरमेने धैरि रहैछ माहौल के । हार - जीतक फैसला संगहि एक तरफ खुशी ... जस्न...आ दोसर तरफ शोक .... क्रोधाग्नि के लहैरि ..... => मुखिया जी ...... आब विकास तरफ सेहो ध्यान देल जाऊं ...... चूँकी बरका-बरका वादा सब केने छियै समाज सँ । => अरे , त हम कि समाज स बाहर छियै । मुदा बुझाई नै अई जे ई सब कोनो काज हुअS देत । => से किएक यौ....... के सब नै होमय देत यौ..... => अरे, 14 टा वार्ड सदस्य में आठो टा कम स कम अपना पकर में हेबाक चाही, आ से अछि नै...... सब विरोधी छी ..... ओ सब कोनो काजे नै होमय देत ..... => ऐह , मुखिया जी ओहो सब गोटे एही समाजक लोक छैथ, आ ईयेह समाज हुनको सब के जितेने छैन...... विकास के नै चाहै छै यौ । ओ सब रुकावट नहीं करता........ => अरे, कतय छी अहाँ सब एकहु टा काज ओ सब नै होमय देत...... तहन देखियौ छोड़बै त हमहूँ नै ....... काज तS करबे करबै मुदा 12 नम्बर वार्ड में कोनो काज नै हेतै से हम पहिने कैह दैत छी....... => से कि मुखिया जी- ओहु वार्ड सॅ वोट त अएबे कएल अहाँक...... एतबा न -जे किछु कम आयल........ => अरे से बात नै छै..... ओहि वार्डक, वार्ड सदस्य के अहाँ सब कोनों नै चीन्है छियै...... खैर एखन जाई जौ..... हम कईल्ह पटना जा रहल छी....... किछु काज अछि हमरा...... फेर गामे आबै छी हेतै भेंट घाँट........ (कनफुसकी)........ => हँ बैजू भाई , मुखिया पगला त नै गेलह...... => अरे, सत्रह लाख रुपैया कहाँदैन खर्चने छै इलेक्सन में ।से जावत असुली नै हेतै तावत होश में कोना एतै......... => हाँ से बात त सत्ते ....... मुदा हौ एहि वार्ड सदस्य सब से त एकरा केहेन बढ़िया गप सप् देखै छियै........ परसुओ साँझ में संगे बैसल देखलियै आ फोनो पर हरदम बतियाईते रहे छै ..... से ई कोना कहैये जे विरोधी छी .... बुझलियै नै....... => अरे, कि बुझबहक .. अर्जुन भाई... सबटा राजनीति छियै....... ई सब अपना में मिलले रहतै..... आ लोकक सोझा एहिना नाटक करैत रहतै ...... => फाईदा की......... => अरे नै बुझलहक.,.... ई कहतै जे ओ सब काज नै करय दैत अई ... आ ओ सब कहतै जे ओ अपने नै करैत अई..... एहिना में समय विति जेतै... सब मिल बैंटि के खेतै आ हगतै............ => ओ....... आ हौ बैजू भाई ई छौड़ा सब कि करतै जे भैरि - भैरि दिन एकर पाछु -पाछु घुमल फिरै छलै .... विकाश होगा..... विकाश होगा...... => कि हेतै..... ओहो सब माथा फोईर क बैसत...... => भने... सार सब के बुधियारी बहार हेतैन .... अपना के सबटा पढ़ल लिखल होसियार बूझै छै न...... सबटा होसियारी किदैन में चैल जेतै... जनैम के ठार भेल आ राजनीति करय चलल।जनै त छै नै जे सगरो दुनियाँ में राजनीति केनाई आसान , मुदा गाम में...... => हाँ अर्जुन भाई,मुदा एकटा बात औरो बुईझ लहक..... हम तू सब जे राजनिति करैत एलहुँ ताहि से बहुत बेसी उपर छै ई सब ...।अपना सब त जाइत पाईत में ओझरा के राखलियै सब के सब दिन .....आ ई सब जाईत - पाईत , छोट - पैघ , गरीब - धनीक सब के एक ठाम एक जुट क के एकटा संगठन ठार केने छै ,,, युवा संगठन । आ हे... एकरा सब के लोभ लालच नै छै , मात्र विकाश चाहै छै ई सब ,आ हे ई सब बहुत किछु सोचिये के ककरहु सपोर्ट में आगु आएल हेतै..... एकरा सबहक सपोर्ट त देखबे केलहक जौं बिद्रोह पर उतैर जेतह , त बुझहक सबटा खच्चहरवा सबके खच्चरैहि बाहर भ S जेतह....... हौ देखै नै छहक बरका बोर्ड में की लिखके टंगने छै........ पंचायती चुनाब सँ आयल सब पदोभारी के हार्दिक सुभ कामना युवा संघ । => एकर की मतलब.........??? => मतलब...पुछै छ ...ह ह ह मतलब ई जे आगू बिकासक लेल सुभ कामना.... .अन्यथा ,सबहक खच्चरैहि बहार करतह ...यूवा संघ => बुझलौं....दुनु हाथ उठा के कहय परतै...हरदा । क्रमशः... संतोषी ।